हमें तो अपनों ने लूटा!!

शायर: हमें तो अपनों ने लूटा, गैरों में कहाँ दम था,
मेरी कश्ती वहां डूबी, जहां पानी कम था…
शायर की बेगम: तुम तो थे ही गधे, तुम्हारे भेजे में कहां दम था,
वहां कश्ती लेकर गए ही क्यों, जहां पानी कम था…