आदमी को ” पत्थर ” की कीमत तब समझ में आती है!!

आदमी को ” पत्थर ” की कीमत तब समझ में आती है जब, रात को किसी सूनसान रास्ते पर पैदल अकेले गुजरते समय अचानक, . . . . . . . . . . . . . . . . . चार, पाँच कुत्ते भौंकते हुए पीछे लगते हैं!! और तब, पत्थर मिलता नहीं तो,…

ये पढ़ाई-लिखायी!!

ये पढ़ाई-लिखायी, नौकरी चाकरी, घर बार दुकानदारी पता नही किस नालायक का आईडिया था…. आराम से गुफ़ाओं में रहते, रात में सोते कन्द मूल खाते और सुकून से मर जाते!! 😂😂😂😂😂😂😂😂😂🤘

भला हो Facebook और Whatsapp का!!

भला हो “फेसबुक”और whatsapp का वरना ना जाने कितने “शायर” “आज” भी “ट्रक” और “टेम्पो” के पीछे “शायरी” लिखते लिखते “दम” तोड़ देते!!