ये पढ़ाई-लिखायी!!

ये पढ़ाई-लिखायी, नौकरी चाकरी, घर बार दुकानदारी पता नही किस नालायक का आईडिया था…. आराम से गुफ़ाओं में रहते, रात में सोते कन्द मूल खाते और सुकून से मर जाते!! 😂😂😂😂😂😂😂😂😂🤘

आजकल के बच्चे क्या समझेंगे!!

आजकल के बच्चे क्या समझेंगे!! हमने किन मुश्किल परिस्थितियों में पढ़ाई की है, कभी कभी तो मास्टर जी हमें मूड फ्रेश करने के लिये ही कूट दिया करते थे !! ============================================ वो लड़कीया भी किसी आतंकवादी से कम नही हुआ करती थी… जो टिचर के क्लास मे आते ही याद दिला देती है… सर आपने…