ये पढ़ाई-लिखायी!!

ये पढ़ाई-लिखायी, नौकरी चाकरी, घर बार दुकानदारी पता नही किस नालायक का आईडिया था…. आराम से गुफ़ाओं में रहते, रात में सोते कन्द मूल खाते और सुकून से मर जाते!! 😂😂😂😂😂😂😂😂😂🤘

सर हमने एक ऐसी चीज बनाई !!

इंजिनियरिंग छात्र:- सर हमने एक ऐसी चीज बनाई जिससे आप दीवार के आर-पार देख सकते है!! 😀 ☺ सर: वाह! क्या चीज है? ? छात्र: छेद!! ? दे थप्पड़ पे थप्पड़.! ? ?

आजकल के बच्चे क्या समझेंगे!!

आजकल के बच्चे क्या समझेंगे!! हमने किन मुश्किल परिस्थितियों में पढ़ाई की है, कभी कभी तो मास्टर जी हमें मूड फ्रेश करने के लिये ही कूट दिया करते थे !! ============================================ वो लड़कीया भी किसी आतंकवादी से कम नही हुआ करती थी… जो टिचर के क्लास मे आते ही याद दिला देती है… सर आपने…

इतने कम नंबर क्यूं आये?

दरोगा जी ने अपने बेटे से पूछा:- इतने कम नंबर क्यूं आये? आज से तेरा खेलना, टीवी देखना सब बंद! . . बेटा:- पापा, ये लो 100 रुपये और बात को यहीं पर खत्म करो.. !

भाई इंजिनियर का घर कहां है?

1985- भाई इंजिनियर का घर कहां है? यहा से आगे 2 Km दूर है चलो छोड देता हुँ…!! 1995 – भाई इंजिनियर का घर कहां है? आगे जाके Left Hand पर दूसरा मकान 2005- भाई इंजिनियर का घर कहां है? कौन सा इंजिनियर? यहां गली में बहुत सारे है नाम क्‍या है? 2015- भाई इंजिनियर…

जागो बच्चों जागो!!

अगर एक अकेला टीचर सारे विषय (Subject) नहीं पढ़ा सकता तो!! ऐसी उम्मीद क्यों करते हैं कि एक विद्यार्थी सारे विषय (subject) पढ़े। “जागो बच्चों जागो”

बस दसवी कर लो!!

निगाहें आज भी उस शख्स को शिद्दत से तलाश करती हैं!! जिसने कहा था:-  “बस दसवी कर लो, आगे पढ़ाई आसान है”!!