आदमी को ” पत्थर ” की कीमत तब समझ में आती है!!

आदमी को ” पत्थर ” की कीमत तब समझ में आती है जब, रात को किसी सूनसान रास्ते पर पैदल अकेले गुजरते समय अचानक, . . . . . . . . . . . . . . . . . चार, पाँच कुत्ते भौंकते हुए पीछे लगते हैं!! और तब, पत्थर मिलता नहीं तो,…

ये धरती भी! Hindi Thought

ये धरती भी, आजकल लोगों के, “मन” की तरह हो गयी है, कब, कहां.. “डोल” जाये, कुछ पता ही नहीं चलता है।

भला हो Facebook और Whatsapp का!!

भला हो “फेसबुक”और whatsapp का वरना ना जाने कितने “शायर” “आज” भी “ट्रक” और “टेम्पो” के पीछे “शायरी” लिखते लिखते “दम” तोड़ देते!!